मुंबई: जीवन में खुशियों का खजाना बटोरना है, जीवन को लक्ष्य के मुकाम तक संपादित करना है और जिंदगी के विराट पहलू को समेटकर किसी मकसद को हासिल करना है तो इन तमाम उपलबिधयों के लिए तकदीरों के सम्राट राजेश कुमार सिनेमावाला से आपको मिलना ही पडेगा.
राजेश कुमार सिनेमावाला वह नाम है, जिसके जेहन में दर-दर की ठोंकरे खाने वालों के लिए एक प्यार पलता है. उसकी कल्पनाएं जिस भविष्य का जाल तैयार करती है. उसके कोख में कोख में वह परेशान इंसान जरुर अपना मुकाम पा सकता है. मनोरंजन के महासागर बालीबुड में कलाकारों का सपना रोज अपना दम तोड देता है. ऎसे ही निराश कलाप्रेमियों के लिए कम्बाईन जेन्टस् लेडिस अर्टिस्ट एशोसियन जो भारत सरकार के ट्रेड युनियन 1926 द्वारा रजिस्ट्रार्ड संस्था का निर्माण किया गया है जिसके सौजन्य से किसी भी प्रतिभावान को उतना परेशान नही होना पडेगा जितना हैरान व परेशान अन्य जगहो पर होता रहा है़.
जीवन की खुशियों को खुद के बूते पर हासिल करने वाले राजेश कुमार सिनेमावाला का कहना है की मैनें बहुत से लोगों को अपना आंसू पोछ्ते देखा है इसी लिए मेरी यह तमन्ना अब उस संकल्प की मजबुत चट्टान बन चुकी है कि हम किसी की आंख अब डबडबते हुए नही देख सकता. इसी लिए हमारी विशेष प्रार्थना उन कलाकारों से है जो जीवन के संघर्ष से निराश हो चुके है वे हमारी संस्था की सदस्यता का निवेदन स्वीकार करे और अपनी दुनिया को हमारी कोशिशों से चमका दे.
उल्लेखनीय पहलू है कि राजेश सिनेमावाला मद्दत के काम नि:शुल्क और सामान्य दरों पर उपलब्ध कराने के लिए मशहुर है. वह इसीलिए कि वे तमाम संस्थाओं से आजिज आ चुके है जो गरीबों का खून चुसकर उन्हें निष्प्राण छोड़ देते है. ऎसे लोगों को संभावनाओं का आकाश मिलें जिस आसमान में आज टाप क्लास के सितारे अपना वैभव सूख भोग रहे है.ै.